सकारात्मक दृष्टिकोण के स्वामी होते है भाग्यांक 2 के जातक

sakaratmak drishtikon ke swami hote hain bhagyank 2 ke jaatak

भाग्यांक 2 (Bhagyank 2)

भाग्यांक 2 पर चन्द्र ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है इस कारण इनका मन व दिमाग शांत रहता है तो कभी कभी बहुत उग्र भी हो सकता है। भाग्यांक 2 वाले जातक अपने कार्य को लेकर संवेदनशील होते हैं

भाग्यांक 2 की विशेषताएं (Behaviors and Qualities of Bhagyank 2)

अंक शास्त्र में भाग्यांक 2 का प्रमुख स्थान निर्धारित किया गया है। भाग्यांक 2 वाले व्यक्तियों में धैर्य देखा जा सकता है। अंक दो की विशेषताएँ जातक को प्रभावशाली, सहिष्णु, शिष्ट, उदार बनाती हैं, अपनी इन्हीं प्रमुख विशेषताओं  के द्वारा अंक 2 एक विशिष्ट स्थान पाता है।

भाग्यांक अंक दो वाले व्यक्तियों में भावना का स्तर बहुत ज्यादा होता है, तथा इनका मन चंचलता से भरा रहता है। अंक दो स्वभाव से उदार और विनम्र होते हैं कुछ अपने इस स्वभाव के कारण लोग इन्हें कमजोर समझ लेते हैं परंतु ऐसा नही है अंक दो अवसर आने पर अपनी योग्यता को दिखाने से पिछे नही हटते हैं।

भाग्यांक दो वाले दूसरो से काम लेने की क्षमता रखते हैं तथा लोगों के मध्य सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। जैसे जैसे आप इस दिशा में बढ़ते हैं, तो आप दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं, आप जटिल स्थितियों से निपटने में राजनयिक बन जाते हैं।

भाग्यांक 2 में परिपक्व, नम्रता, स्वभाव में गहरी समझ होती है। भाग्यांक 2 भाग्य का एक सकारात्मक पहलू यह है कि हमेशा एक आदर्शवादी दृष्टिकोण अपनाता है।

भाग्यांक 2 के लिए सावधानियां (Negative Characteristics of Bhagyank 2)

भाग्यांक दो वाले लोग अधिक संवेदनशील व्यक्तित्व के हो सकते हैं। इस कारण इन्हें किसी बात का जल्द बुरा लग जाता है। भाग्यांक दो वालों के व्यवहार में संकोची, शर्मीलापन और अनिश्चित का भाव हो सकता है। यह जल्द ही किसी को अपनी बात नहीं बताते। इन लोगों में बहुत चतुर और चालाक भी देखी जा सकती है और साज़िश भी रच सकते हैं। आप बहुत संवेदनशील और मनमौजी हो सकते हैं।

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