सौभाग्य और पतिव्रता का त्यौहार करवा चौथ कल…….

Karva Chauth

 

करवा चौथ भारतीय परम्परा का एक बहुत बड़ा हिस्सा है।यह व्रत कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को मनाया जाता है। जिसे सौभाग्य और पतिव्रता का प्रतिक माना जाता है। इस साल 2015 में यह त्यौहार 30 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार चंद्रोदय रात्रि 8.32 बजे होगा। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेगा और रोहिणी नक्षत्र में उदय होगा। इससे पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा। साथ ही इस दिन मित्र व बुधादित्य योग दिन भर रहेंगे। सुहागिन स्त्रियो के लिए यह त्यौहार बहुत ज्यादा महत्व रखता है।  इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं।इस दिन चंद्रोदय में गणेश जी की पूजा-अर्चना के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। व्रत खोलने से पूर्व छलनी में दीपक रखकर, उसकी ओट से पति की छवि को निहारने की परंपरा भी करवा चौथ पर्व की है। इस दिन बहुएं अपनी सास को चीनी के करवे, साड़ी व श्रृंगार सामग्री भेंट करती हैं।

 

यदि व्रत के साथ-साथ पूरी श्रद्धा और प्रेम से कुछ महत्वपूर्ण बातों का भी पालन किया जाए तो महिलाओं को उनके व्रत का फल जरूर मिलता है।

1. व्रत शुरू होने से पहले सास आपनी बहू को कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान देती हैं। करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास महिलाएं इस सरगी को खाकर अपने व्रत की शुरुवात करें । ध्यान रखें सरगी खाते समय दक्षिण पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें।

2. लाल रंग प्रेम का प्रतीक माना जाता है और करवा चौथ के दिन ज्यादा से ज्यादा इसी रंग का प्रयोग करना चाहिए।इसलिए हो सके तो इस दिन पूजा के समय महिलाओं को अपनी शादी का जोड़ा पहनना चाहिए। अगर शादि का जोड़ा न पहन सकें तो लाल रंग की साड़ी या लहंगा पहनना अच्छा माना जाता है।

3. जिस तरह सास का अपनी बहू को सरगी देना महत्वपूर्ण रस्म है। उसी तरह बाया मां और बेटी से जुड़ी रस्म है। शाम को पूजा शुरू होने से पहले ही बया भेजे।

4. करवा चौथ में जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है, उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा सुनने का भी होता है। जब भी कथा सुनने बैठे पूरी तरह से ध्यान लगा कर कथा सुने।

5.  16 श्रृंगार एक सुहागिन के जीवन में बहुत महत्व रखता है। और कहा जाता है की करवा चौथ पर सुहागिनों को  पूरा  16 श्रृंगार करना चाहिए। इससे आपके ऊपर लक्ष्मी कृपा बनी  रहेगी।   सिंदूर, टिका, नथ,चूड़ियाँ, कानों में झुमके, बालों में गजरा, काजल, मंगल सूत्र, हार, बाजूबंद, अंगूठी, मेहंदी,  बिछुए, पाजेब,  कमर में तगड़ी, लाल कपडे ये है  16 श्रृंगार जिन्हे हर सुहागिनों को करवा चौथ पर पहनना चाहिए।

 

 

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